दुमका।
सीपीएम की नेत्री व पूर्व सांसद वृंदा करात ने गुरुवार को दुमका में कहा कि नरेंद मोदी एक तानाशाह नेता है जो सारे फैसले खुद लेते है.करात दुमका में बंद के बाद हुई हिंसा के बाद आदिवासी अधिकार मंच की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का सारा फैसला एक आदमी का फैसला होता है । जिससे देश का भला नहीं होगा.करात ने दुमका में छात्रों से भी मुलाकात की. बता दे कि 25 नवम्बर के झारखण्ड बंद के दौरान जो हिंसा दुमका में एस पी कॉलेज के पास हुई उसके मद्देनजर जब पुलिस ने आदिवासी होस्टल में छापा मारा तो हजारों की संख्या में हथियार बरामद हुए.झारखण्ड में हुए छोटानागपुर और संताल परगना टेनेंसी एक्ट्स में बदलाव के बाद से आदिवासियों के कुछ संगठनों ने 2 दिसम्वर को एक बार फिर से झारखण्ड बंद बुलाया है.ऐसे ही एक संगठन आदिवासी अधिकार मंच को संबोधित करने वृंदा करात दुमका आयी थीं.उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार आदिवासियों की जमीन हड़प रही है. छात्रों के साथ भेद -भाव किया जा रहा है. इस संशोधान से आदिवासियों की जमीन और भी हड़प ली जायेगी.नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि इससे कला धन में कोई सुधार नहीं होगा.मौके पर एहतेशाम अहमद,सुभाष हेम्ब्रम,देवेन्द्र देहरी,रामालाल देहरी,मनोहर गृर्ही,देवीसिंह पहाड़िया,रसका टुडू,पीटर हेम्ब्रम,निर्मल कुमार सिंह,राजकुमार सिंह,अनिता देवी,सुमिता देवी,रूमा देवी आदि मौजूद थे।
रघुवर सरकार आदिवासियों की जमीन हड़प रही है-वृंदा करात








