झारखण्ड बार काउंसिल के सदस्य वरीय अधिवक्ता गोपेश्वर प्रसाद झा ने कहा कि संताल परगना काश्तकारी अधिनियम मे राज्य सरकार द्वारा किया गया संशोधन संताल परगना के रैयतो के हित मे है। इस संशोधन से संताल परगना के जमाबंदी रैयतो को अपनी रैयती जमीन पर गैर कृर्षि कार्य करने का अधिकार मिल गया है। एसपीटी एक्ट के विशेषज्ञ श्री झा शुक्रवार को पत्रकारो से बातचीत कर रहे थे। उन्होने बताया कि संताल परगना काश्तकारी (अनुपुरक अनुबंध) अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2016 की धारा 13 मे जो संशोधन किया इससे जमाबंदी रैयत अपने जमीन का गैर कृषि कार्य मे उपयोग कर सकेगे। वस्तुतः इस संशोधन से रैयतो के बचाब का ही काम किया गया है। एसपीटी एक्ट की धारा 13 रैयतो को अपने जमीन के गैर कृर्षि कार्य करने से रोकती है, जिसके तहत धारा 14 मे रैयत को उच्छेद करने का प्रावधन है। वही इस संशोधन से रैयत जरुरत के हिसाब से अपनी जमीन का गैर कृर्षि कार्य मे उपयोग कर पायेगा और उनका मलिकाना हक भी बना रहेगा। गोपेश्वर झा ने स्पष्ट कहा कि बगैर किसी राजनीतिक बयानबाजी के यह भ्रम को खत्म करना चाहता हूं कि इस संशोधन मे जमीन के स्थानांतरण एवं मालिकाना हक खत्म करने का कोई प्रावधान नही है। वस्तुतः सरकार ने कोई संशोधन नही किया है, बल्कि धारा 13 मे प्रावधान जोडा है जिसके तहत सरकार अब कृषि उपयोग के जमीन को अन्य उपयोग के लिए समय-समय पर नोटिफिकेशन ला सकती है और रैयते को छूट देते हुए उसका रेंट फिक्शेसन का प्रावधान करेगी। उन्होने कहा कि संशोधन का विरोध करने वालो को तो 1969 एवं 1972 मे एसपीटी एक्ट मे किये गये बदलावो को लेकर जोरदार विरोध करना चाहिए था, जो जमीन के गैरकानूनी दखल एवं उसके स्थानांतरण को लेकर था। एसपीटी एक्ट की धारा 53 मे उपायुक्त को अधिकार दिया गया था कि वे रैयती जमीन को प्राइवेट कार्य के लिए ले सकते है, जिसका मुआवजा वे निर्धारित कर रैयतो को देगे। तब यह कहा गया कि संताल परगना मे दो कानून चल रहे है एक भुमि अधिग्रहण तो दुसरा एसपीटी की धारा 53। तब पटना हाईकोर्ट मे एसपीटी एक्ट की धारा 53 को असंवैधानिक करार देते हुए इस धारा को निरस्त कर दिया था। वही 1972 मे प्रावधान किये गये कि कृर्षि योग्य जमीन के एवज मे केन्द्रीयकृत बैंक बंधक रखकर लोन दे सकती है तथा लोन नही चुकाने पर बंधक रखी जमीन पर बैंक कब्जा कर लेगी। उस समय किसी ने इसका विरोध नहीं किया। आज सरकार ने रैयतों के लिए अच्छा निर्णय लिया है तो लोग विरोध कर रहे हैं। बहुत से लोग एक्ट की खूबियों के बारे में लोग अनभिज्ञ हैं। उन्हें संशोधन की जानकारी लेनी चाहिए। मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष निवास मंडल व अधिवक्ता मनोज साह मौजूद थे।
एसपीटी एक्ट मे संशोधन जमाबंदी रैयतो के हक मे-गोपेश्वर प्रसाद झा








