प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैशलेस मुहिम को अमलीजामा पहनाने में जुटे झारखंड ने पहले चरण में राज्य के 29 प्रखंडों को कैशलेस बनाने का खाका तैयार किया है। गुरुवार को विकास आयुक्तसह वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित खरे के स्तर से की गई समीक्षा बैठक में इन प्रखंडों का चयन किया गया। खरे ने राज्य के सभी 24 जिलों के उपायुक्तों को इन प्रखंडों को कैशलेस बनाने के निमित्त जुट जाने का निर्देश दिया है।
बैठक में तय किया गया कि कैशलेस अभियान के तहत राज्य के तीन प्रमुख जिलों रांची, धनबाद व जमशेदपुर में अब ट्रैफिक की वसूली ऑनलाइन की जाएगी। सबसे पहले कैशलेस होने वाली पंचायत को राज्य सरकार की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा। विकास आयुक्तने निर्देश दिया कि सभी पेट्रोल पंपों, जिला परिवहन कार्यालयों, जिले के सभी सदर अस्पतालों एवं मुख्य बाजारों में कैशलेस अभियान के तहत इस माह के अंत तक पूरी तरह से कैशलेस की व्यवस्था की जाए।उन्होंने यह भी कहा कि जो प्रतिष्ठान कैशलेस होते हैं वहां पर जिला प्रशासन की ओर से एक पोस्टर लगाया जाए कि यहां कैशलेस पेमेंट स्वीकार किया जाता है। ऐसे क्षेत्र जहां ज्यादा उपभोक्ता जाते हैं मसलन मुख्य बाजार, कचहरी व प्रखंड मुख्यालय के आसपास के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इन प्रखंडों का कैशलेस के लिए हुआ चयन
नगड़ी (रांची), साहिबगंज नगर व प्रखंड (साहिबगंज), हिरणपुर (पाकुड़), जरमुंडी (दुमका), मंगवां (गोड्डा), सारवां (देवघर), जामताड़ा सदर (जामताड़ा), धनबाद प्रखंड (धनबाद), बेरमो व चंद्रपुरा (बोकारो), गिरिडीह (गिरिडीह), चंदवारा (कोडरमा), रामगढ़ व दुलमी (रामगढ़), हजारीबाग सदर (हजारीबाग), गिद्धौर (चतरा), डंडा (गढ़वा), सतबरवा (पलामू), चंदवा (लातेहार), लोहरदगा व कुडू (लोहरदगा), भरनो (गुमला), सिमडेगा (सिमडेगा), खूंटी सदर (खूंटी), खरसावां व आदित्यपुर नगर परिषद (सरायकेला-खरसावां), घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम) तथा चाईबासा सदर (पश्चिम सिंहभूम)।








