दुमका। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय तथा डिपार्टमेंट ऑफ हायर एंड टेक्निकल एजुकेशन, झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में नेशनल अकैडमिक डिपॉजिटरी (NAD) एवं अकैडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला की अध्यक्षता कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर ने की। कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक सुधीर बड़ा, उप निदेशक डॉ. अजय राज खालको, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी तथा अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों के समन्वयक उपस्थित रहे।
अपने वक्तव्य में उप निदेशक डॉ. अजय राज खालको ने बताया कि NAD छात्रों के शैक्षणिक दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखता है, जबकि ABC छात्रों द्वारा अर्जित क्रेडिट को डिजिटल रूप में संग्रहित करता है। उन्होंने कहा कि इन प्रणालियों के लागू हो जाने से छात्र कहीं से भी अपने दस्तावेज डाउनलोड कर सकेंगे।
तकनीकी विशेषज्ञ रवि पांडेय ने दोनों प्रणालियों के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी और प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया। निदेशक सुधीर बड़ा ने कहा कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग पेपरलेस डॉक्यूमेंटेशन की दिशा में निरंतर कार्यरत है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से छात्रों के अधिकाधिक दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड करने का आग्रह किया।
कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय सरकार की मंशा के अनुरूप नेड एवं एबीसी की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 7–8 सत्रों के प्रमाणपत्र पहले ही डिजिलॉकर पर अपलोड किए जा चुके हैं। कुलसचिव डॉ. राजीव रंजन शर्मा ने “वन स्टूडेंट–वन आईडी” की परिकल्पना को भविष्य का मील का पत्थर बताया।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक डॉ. रीना नीलिमा लकड़ा ने किया तथा मंच संचालन डॉ. इंद्रनील मंडल ने किया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी, गैर-शैक्षणिक अधिकारी एवं महाविद्यालयों के एबीसी नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।








