झारखण्ड देखो न्यूज़ डेस्क
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झारखण्ड में प्रमंडलीय आयुक्त का पद समाप्त करने से सम्बंधित प्रस्ताव नामंजूर कर दिया है .प्रसाशनिक सुधार समिति के सम्बंधित प्रस्ताव को तकनिकी कारणों से छह माह पहले ही अस्वीकृत कर दिया गया था .जमीन से सम्बंधित कानूनों में प्रमंडलीय आयुक्त को भू –विवाद से सम्बंधित मामलो की सुनवाई का अधिकार है . उपायुक्त की अदालत से असंतुष्ट होने के बाद प्रमंडलीय आयुक्त की अदालत में ही अपील का प्रावधान है .कानून में बदलाव किये बिना प्रमंडलीय आयुक्त का पद समाप्त नहीं किया जा सकता है .इसी वजह से प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी जा सकी . प्रसासनिक सुधार समिति ने मोजूदा प्रसासनिक ब्यवस्था में प्रमंडलीय आयुक्त के पद को अप्रासंगिक मानते हुए इसे समाप्त करने का प्रस्ताव तेयार किया था.मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्य सचिव को प्रमंडलीय आयुक्त के कार्यो और मोजूदा परिपेक्ष्य में पद की महत्ता का मुल्याकंन करने का निर्देश दिया था. उनके निर्देश पर कर्मचारियों की सेवा अन्यंत्र समायोजित करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालयों के बिना प्रसासनिक ब्यवस्था का स्वरूप निर्धारित करते हुए प्रस्ताव तेंयार किया गया था.कार्मिक विभाग के प्रधान सचिव निधि खरे ने कहा की प्रसासनिक सुधार समिति से प्रमंडलीय आयुक्त के पद को समाप्त करने का प्रस्ताव आया था. विचार –विमर्श के बाद उसे अब्य्वाहरिक माना गया है.जमीन से सम्बंधित अधिनियमों में प्रमंडलीय आयुक्त को सुनवाई का अधिकार है.आयुक्त का पद समाप्त करने से अपील का एक स्टेज ख़त्म हो जाता.







