दुमका.
झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद, दुमका के तत्वाधान में जनमत शोध संस्थान के द्वारा नवचारी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत जामा, जरमुण्डी, मसलिया और सरैयाहाट प्रखण्डों में 9 स्कूलों की बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टाईगर्स इंडोकान मार्शल आर्ट्स फेडरेशन से कराटे में ब्लैक बेल्ट (थर्ड डाॅन) और विश्व रिकार्डधारी सुमिता सिंह के नेतृत्व में प्रत्येक स्कूल में दो-दो प्रशिक्षकों का दल छात्राओं को आत्मरक्षा की तकनीक सिखा रहा है। मार्शल आर्ट्स के विभिन्न स्टाईल में प्रशिक्षण देने का लंबा अनुभव रखनेवाले मास्टर बिनोद सिंह रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रशिक्षकों को जरूरी दिशा निर्देश दे रहे हैं। सोमवार को सुमिता सिंह ने जामा प्रखण्ड के मध्य विद्यालय, बारापलासी और जरमुण्डी प्रखण्ड के राजकीय मध्य विद्यालय, वासुकिनाथ और उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बनवारा में छात्राओं को दिये जा रहे आत्मरक्षा के प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। इस दौरान सुमिता सिंह ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि लड़किया जब किसी से कम नहीं हैं तो शाररिक तौर पर भी किसी पर आश्रित रहने की जरूरत नहीं है। आत्मरक्षा की तकनीक सिखने से उनमें वह आत्मबल भी आयेगा जो उन्हें न केवल किसी भी तरह के हमले या प्रताड़ना से बचाने का संबल प्रदान करेगा बल्कि सेल्फ कान्फीडेंस बढ़ने से उसका रिफलेक्सन उनके व्यक्त्वि और सफल जीवन में दिखेगा। उन्होंने बताया कि बेहतर प्रदर्शन करनेवाली छात्राओं को जिला स्तर पर विशेष रूप से प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर बनाने की भी योजना है। छात्राओं ने काफी उत्साह के साथ प्रशिक्षण सत्र में हिस्सा लिया और कहा कि उन्हें यह प्रशिक्षण काफी पसंद आ रहा है। स्कूल के शिक्षक ने बताया कि प्रशिक्षकों के आने का समय होते ही छात्राएं मैदान में जाने के लिए आतुर हो जाती हैं। राजकीय मध्य विद्यालय, वासुकिनाथ में रिसोर्स पर्सन मास्टर बिनोद सिंह भी पहुंचे थे जहां बड़े से हाॅल में छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। सुमिता सिंह ने खुले स्थान में प्रशिक्षण सत्र चलाने को कहा प्रशिक्षण में सुविधा हो एवं अन्य छात्र/छात्राएं भी प्रशिक्षण को देख कर इसके लिए प्रेरित हों। जनमत शोध संस्थान के सचिव अशोक सिंह ने बताया कि चयनित स्कूलों के कक्षा 6 से 8 तक की बालिकाओं को आत्मरक्षा हेतु कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो तीन माह तक चलनेवाला है।
सुमिता सिंह दे रही है बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण








