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बिहार झारखण्ड को जोड़ने वाले इस पुल के निर्माण से देश के पूर्वोत्तर राज्यों और झारखण्ड को होगा फायदा- प्रधानमंत्री

साहेबगंज।

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी साहेबगंज के सिदो कान्हु स्टेडियम में स्थित सिदो कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नई दिल्ली के लिए विदा हुए। इससे सभा स्थल पर कार्यक्रम की शुरूआत में झारखण्ड के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को प्रतिमा भेंट की और अमर शहीद सिदो कान्हू की धरती पर उनके आगमन को ऐतिहासिक बना दिया।साहेबगंज- जोहार….. यह पहला शब्द था जब प्रधानमंत्री ने साहेबगंजवासियों को संबोधित करते हुए कहा, प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत संथाली भाषा में की उन्होंने कहा बिरसा मुण्डा तिलका मांझी, सिदो कान्हू चांद भैरव, निलांबर पिताम्बर नकुआंम दिसोम लगि अलाय अकान दिलगरिये कुआ नोआ जायगारे सेते रेकाना मोनो रे अदि रसकेन बुझोईदा भगवान् बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिदो कान्हू, चाँद-भैरव नीलाम्बर पीताम्बर के नमन के साथ किया. श्री मोदी ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के बाद से लेकर अभी तक कभी भी संथाल परगना के विकास के लिए किसी एक कार्यक्रम के तहत दो बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास आज तक नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में झारखण्ड विकास के पथ पर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने कहा कि संथाल परगना हमेशा से विकास के पथ से अलग रहा है और अगर इसे विकास की पटरी पर लाना है तो उसका एक मात्र उपाय है विकास. उन्होंने कहा कि झारखण्ड बिहार को जोड़ने वाले 2200 करोड़ की लागत से बनने वाला यह गंगा पुल दो राज्यों को जोड़ने के साथ साथ झारखण्ड के विकास का द्वार भी खोलेगा. उन्होंने कहा कि इस पुल का निर्माण तय समय के अन्दर केंद्र के विभागीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में पूरा कर लिया जायगा. श्री मोदी ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि बिहार झारखण्ड को जोड़ने वाले इस पुल के बन जाने से देश के पूर्वोत्तर राज्य और झारखण्ड को फायदा होगा. झारखण्ड के लोगों को इस परियोजना के पूरा होने के बाद रोजगार भी मिल सकेगा. प्रधानमंत्री ने साहेबगंज से गोविंदपुर सड़क का लोकार्पण करते हुए कहा कि इस सड़क के बन जाने से लोगो का समय और पैसा दोनों की ही बचत होगी. उन्होंने कहा कि यह सड़क पूरे संथाल परगना के नागरिकों के जीवन में विकास के नए द्वार को खोलने का काम करेगी.श्री मोदी ने साहेबगंज पोर्ट की चर्चा करते हुए कहा कि गंगा ने सदियों से संथाल परगना के इस क्षेत्र को बहुत कुछ दिया है. और हम जितना भी ऋण माँ गंगा का अदा करेंगे वो कम ही होगा. उन्होंने कहा कि गंगा नदी पर पोर्ट की परियोजना के पूरा होते ही झारखण्ड विश्व बाजार का एक मुख्य क्षेत्र बन जायेगा. इस टर्मिनल से राज्य के खनिज और कोयला के साथ अन्य सामान भी देश दुनिया तक बहुत ही कम लागत और कम समय में पहुँचाया जा सकेगा. पोर्ट के पूरा होते ही उत्तर प्रदेश बिहार और झारखण्ड के पांच लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार भी मिलेगा, जो राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा.श्री मोदी ने युवा शक्ति से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी शक्ति को पहचाने और हुनरमंद हो कर राज्य के विकास को एक गति दें. उन्होंने कहा कि अभी तक रेल मार्ग, सड़क, हवाई मार्ग को हमेशा से विकसित किया है लेकिन एक मार्ग हमेशा से छूता रहा जो था जल मार्ग. अब वर्तमान सरकार जलमार्ग को विकसित करने का जिम्मा उठाया है. सरकार अपने स्तर से जल मार्ग को विकसित करने का काम करेगी.प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने दूध उत्पादन की जो पहल राज्य में शुरू किया है उससे किसानो की आय को दो गुना करने में मदद मिलेगी. उन्होंने गुजरात के अमूल कंपनी का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी शुरुआत छोटे स्तर से होता है लेकिन बाद में वही एक छोटी पहल एक बड़े स्तर की कंपनी के रूप में बन कर उभरती है. उन्होंने कहा कि राज्य में पशुपालन, दूध उत्पादन और मधुमक्खी पालन से किसानों की आय बारहों महीने हो सकती है.2 अक्तूबर 2015 के खूंटी दौरे की बात को दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब सौर उर्जा की ओर अग्रसर हो रहा है और झारखण्ड इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. उन्होंने कहा कि 21 वी सदी में किसी को भी यह हक़ नहीं की वो अँधेरे में अपना जीवन बिताये और इस कारण केंद्र सरकार सौर उर्जा से चलने वाले बल्ब का वितरण ग्रामीण क्षेत्र में कर रही है. श्री मोदी ने कहा कि भारत अब 175 गीगावाट पानी से और 100 गीगावाट सौर उर्जा से बिजली का उत्पादन कर रहा है और आने वाले समय में इस लक्ष्य को बढाया जाएगा.उन्होंने राज्य सरकार को बधाई देते हुए कहा कि झारखण्ड इस क्षेत्र में भी केंद्र सरकार के साथ कन्धा से कन्धा मिला कर काम कर रही है. श्री मोदी ने मच के माध्यम से अपील किया कि वे बिजली का बचत करें ताकि सरकार गरीबों के हित में योजनायें चला सकें.श्री मोदी ने मंच के माध्यम से राज्य सरकार के आदिम जनजाति के प्रति उनकी संवेनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की पहाड़िया और अन्य आदिम जनजाति को मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है. राज्य सरकार ने उनके लिए नियम में बदलाव कर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ा है. पहाड़िया बटालियन के प्रति उन्होंने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा की ये शक्ति ही न्यू इंडिया का निर्माण कर रही है. प्रधानमंत्री ने मंच से झारखण्ड के सखी मंडल के डिजिटल होने की पहल पर राज्य सरकार को बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिदो कान्हू स्टेडियम में बने हेलीपैड पर विदा होने से पहले स्टेडियम में सिदो कान्हू के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्यमंत्री ने सिदो कान्हू की जन्म स्थली जिला साहेबगंज की धरती पर प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक आगमन पर सिदो कान्हू की प्रतिमा स्मृति चिन्ह के रूप में देकर उनका सम्मान किया। मोके पर राज्यपाल द्रोपती मुर्मू,मुख्य सचिव राजवाला वर्मा,मंत्री रणधीर सिंह,राज पलिवार,नीलकंठ सिंह मुंडा,विधायक ताला मरांडी,राजमहल सांसद विजय हांसदा आदि मोजूद थे.

ग्रिड केनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट योजना
साहेबगंज।
प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने साहेबगंज स्थित व्यवहार न्यायालय एवं सदर अस्पताल में क्रमशः90 किलोवाट एवं 70 किलोवाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण किया. नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए वर्ष 2022 तक के लिए पूर्व निर्धारित लक्ष्य 20000 मेगावाट को बढ़ाते हुए वर्ष 2020 तक 100000 मेगावाट किया गया है। उक्त लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु भारत सरकार द्वारा जून 2014 में नेशनल सोलर मिशन के अन्तर्गत ‘‘ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप एवं लघु सोलर पावर प्लांट’’ की नयी योजना शुभांरभ की गई है। इस योजना के तहत् 1 से 500 किलोवाट क्षमता तक के प्लांट भवनों की छतों एवं परिसर में बचे जमीन पर लगाए जा सकते हैं। उपभोक्ता अपनी अधिकाय बिजली को ग्रिड में भेज सकते हैं।झारखण्ड सरकार द्वारा उक्त महत्वकांक्षी लक्ष्य के आलोक में झारखण्ड राज्य सौर ऊर्जा नीति 2015 अधिसूचित की गई है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2019-2020 तक कुल 2650 मेगावाट सौर ऊर्जा बिजली उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर पावर प्लांट के माध्यम से किया जाएगा। इस क्रम में झारखण्ड सरकार द्वारा राज्य के महत्वपूर्ण सरकारी भवनों पर 5000 किलोवाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट अधिष्ठापन करने की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत् प्रोजेक्ट भवन सचिवालय, नेपाल हाउस सचिवालय, रिम्स, रिनपासए विधान सभा, पुलिस मुख्यालय, समाहरणालयों, सदर अस्पतालों, जिला न्यायालयों आदि में विभिन्न क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफऑप सोलर पावर प्लांट का अधिष्ठापन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वर्तमान वित्तीय वर्ष में सरकारी भवनो पर 5 मेगावाट तथा राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं के छतों पर अनुदानित दर पर 13.8 मेगावाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सौर फोटोभोल्टाईक संयंत्र अधिष्ठापित करने की कार्रवाई की जा रही है।ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट योजना के अन्तर्गत जिला न्यायालय खूँटी में अधिष्ठापित 180 किलोवाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर-कमलों द्वारा 02 अक्टूबर, 2015 को किया गया है।ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट योजना के अन्तर्गत अबतक कुल 89 सरकारी भवनों में कुल 4450 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट अधिष्ठापित किये जा चुके हैं। उक्त प्लांट को अगले पाँच वर्षों तक वार्षिक रख-रखाव संपोषण संबंधित संवेदक द्वारा किया जाएगा तथा जी0पी0आर0एस0 के माध्यम से दूरस्थ निगरानी किया जाएगा।
सैकड़ो वर्ष बाद साहेबगंज का भाग्य प्रधानमंत्री के हाथों बदल रहा है. अनंत ओझा

साहेबगंज में हजारों हजार की संख्या में पुरे संथाल परगना बिहार बंगाल और झारखण्ड के अन्य प्रमंडल से लोग जमा हो रहे थेण् ऐसा लगता था कि लाखों कि संख्या में लोग उपस्थित होंगेण् किन्तु 6अप्रैल को संख्या में गिनना असंभव थाण् चारो ओर जन सैलाब उमड़ आया थाण् प्रधानमंत्री ;मोदीद्ध के नाम की गूंज पुरे साहेबगंज में सुनाई दे रही थीण् यह मंजर यह नजारा साहेबगंज ही नहीं आसपास के जिलों के लिए मेला सा थाण्राजमहल विधान सभा क्षेत्र का हर घर पुलिस लाईन में मानो मौजूद हो गया थाण् विधायक अनंत ओझा ने अपने धन्यवाद ज्ञापन में अपने विधान सभा क्षेत्र तथा विभिन्न जिलों से आये हुए जन सैलाब काआभार प्रकट कियाण् उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि सैकड़ो वर्ष बाद साहेबगंज का भाग्य प्रधानमंत्री के हाथों बदल रहा हैण्

बंदरगाह और गंगा पुल के महत्वाकांक्षी परियोजना को झारखण्ड के विकास का द्वार. डॉ लुईस मरांडी

साहेबगंज।

झारखण्ड सरकार की मंत्री डॉ लुईस मरांडी ने कहा कि सिदो कान्हू की धरती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अभिवादन पूरा संथाल परगना कर रहा हैण् उन्होंने कहा कि यहसंथाल हूल के बाद यह मोदी के विकास की हूल हैण् उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में झारखण्ड के मुख्यमंत्री और उनकी पूरी टीम राज्य के विकास के लिए प्रयासरत हैण् संथालपरगना हमेशा से पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता था लेकिन आज के बाद से यह क्षेत्र विश्व मानचित्र पर नजर आने लगेगाण् डॉ मरांडी ने बंदरगाह और गंगा पुल के महत्वाकांक्षी परियोजना कोझारखण्ड के विकास का द्वार बतायाण्

गोविंदपुर-जामताड़ा-दुमका-बरहेट- साहिबगंज पथ परियोजना

साहेबगज।

प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने गुरुवार को साहिबगंज से गोविंदपुर-जामताड़ा-दुमका-बरहेट- साहेबगंज पथ परियोजना का ऑनलाइन लोकार्पण किया. इस 311 किमी पथ के निर्माण से पहले धनबाद से साहेबगंज पहुंचने में 10-12 घंटे का समय लगता था लेकिन पथ के निर्माण होने से यह दूरी 5 घंटे में यह दूरी तय की जा सकेगी….पूरे संथाल परगना का आर्थिक एवं सामाजिक विकास होगा. साथ ही गंगा नदी पर 4 लेन पुल निर्माण से इसकी उपयोगिता में बढ़ोतरी होगी क्योंकि यह देश के मुख्य भाग से छभ्एन.एच -2 एवं एन एचछभ् -31 के बीच संपर्क से पूर्वोतर राज्य को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग होगा…एशियाई विकास बैंक के द्वारा संपोषित यह परियोजना गोविंदपुर, धनबाद जिला अंतर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-2 से शुरू होती है जो इसे राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना अंतर्गत स्वर्णिम चतुर्भुज के कोलकाता-नई दिल्ली पथांश को जोड़ता है. पथ के अंत में साहिबगंज जिला एक अन्य राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-80 पर स्थित है. इस प्रकार यह पथ देश के दो सघन कॉरिडोर छभ् छभ्एन.एच -2 एवं एनएच-80 को धनबाद, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़ एवं साहिबगंज होते हुए जोड़ती है.

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साहिबगंज से मनिहारी तक 4 लेन गंगा पुल का निर्माण

साहेबगंज।

प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने साहिबगंज से मनिहारी तक 4 लेन गंगा पुल निर्माण की आधारशिला गुरुवार को साहिबगंज में रखी. कुल 21.900 किमी लम्बे पुल का निर्माण एवं रख रखाव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा. यह परियोजना साहिबगंज की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के द्वारा पूरी की जायेगी। इस पुल की कुल लागत 2266 करोड़ है। चार लेन पुल के निर्माण में लगभग 124 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मोड पर कराया जा रहा है। यह पुल साहिबगंज में राजमार्ग संख्या 80 से प्रारंभ होकर मनिहारी में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 ए को पार करते हुए नरायणपुर में जाकर समाप्त हो जायेगी, जिसमें 6 किमी का मनिहारी बाईपास भी शामिल है।

इस पुल की निर्माण अवधि 4 साल 6 महीना है.

साहेबगंज।

पथ की लम्बाई- 21.9 किमी, परियोजना चार लेन, लागत 2266 करोड़, पुल 1, पुलिया 15, अंडर पास 01, बस पड़ाव 04, रेल अवर ब्रिज 02,= और टोल प्लाजा 01.

पहाड़िया बटालियन से सशक्त होगा पहाड़िया समुदाय

प्रधानमंत्री नरेंद मोदी द्वारा गुरुवार को आदिम जनजाति पहाड़िया बटालियन के नवनियुक्त 956 आरक्षियों को प्रमाण पत्र सौंपे गये। इनमें 689 पुरुष 252 महिला हैं। पहाड़िया बटालियन मेंपहाड़िया समुदाय के अधिकतर अभ्यर्थी अपने.अपने परिवार के पहले व्यक्ति हैं जो सरकारी सेवा में आये हैं।

उक्त दोनों बटालियनों में नियुक्ति हेतु इन समुदायों के लिए सामान्य प्रक्रियाओं में छूट प्रदान की गईण् नियुक्ति नियमावली में विधिवत संशोधन करते हुए ढील दी गई जिससे इन आदिम जनजातियोंको नियुक्ति प्रक्रिया में पूर्ण लाभ मिल सकेण् साथ ही झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा सामान्य आरक्षी के पदों पर नियुक्ति हेतु अलग से परीक्षा ली गईण्

झारखण्ड की पहचान एक आदिवासी बहुल राज्य के रूप में है। इस राज्य में कुल 32 जनजातियां निवास करती हैं। जनजाति समुदायों में शिक्षा एवं विकास का अभाव है जिसके फलतः ये मुख्यधारा सेअलग होते जा रहे हैं। बटालियन का उद्देश्य है कि इनके जीवन स्तर को उपर उठानाए आर्थिक पिछडेपन को दूर करनाए इन्हें विकास के मुख्यधारा में लाने एवं इनके लिए रोजगार के अधिकाधिकअवसर उपलब्ध कराना है।

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