रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी पत्नी, विधायक कल्पना सोरेन के साथ रांची के ऐतिहासिक सिरमटोली स्थित सरना स्थल पर प्रकृति पर्व ‘सरहुल’ हर्षोल्लास के साथ मनाया। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम के मुख्य अंश:
- पारंपरिक आशीर्वाद: सरना स्थल के पाहन (पुजारी) ने पारम्परिक रीति-रिवाज से पूजा संपन्न कराई और मुख्यमंत्री के कान में ‘सरई’ (सखुआ) का फूल खोंसकर उन्हें आशीर्वाद दिया। यह परंपरा मानव और प्रकृति के अटूट रिश्ते को दर्शाती है।
- प्रकृति संरक्षण का संदेश: मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य की जीवन यात्रा प्रकृति से ही शुरू होती है और उसी में समाहित हो जाती है। प्रकृति से बड़ी कोई व्यवस्था नहीं है।
- संस्कृति बचाने का संकल्प: सीएम ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आदिवासी परंपराओं, संस्कृति और समृद्ध विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने समस्त झारखंडवासियों को आपसी सौहार्द और प्रकृति से जुड़ाव के इस पावन पर्व की हार्दिक बधाई दी।







