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दुमका का संत जेवियर्स कॉलेज बना ऑटोनोमस, यूजीसी की मुहर से रचा इतिहास

दुमका: संताल परगना क्षेत्र के उच्च शिक्षा जगत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। संत जेवियर्स कॉलेज, दुमका को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा स्वायत्त (ऑटोनोमस) महाविद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया है। यह निर्णय 19 मार्च 2026 को आयोजित यूजीसी की बैठक में लिया गया, जिसे क्षेत्र में शैक्षणिक गुणवत्ता और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

यूजीसी के संयुक्त सचिव डॉ. आर. मनोज कुमार द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, सिदो कान्हु मुर्मु विश्वविद्यालय से संबद्ध यह महाविद्यालय शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 2030-31 तक, कुल पांच वर्षों के लिए स्वायत्त रहेगा। यह स्वायत्तता यूजीसी (कॉलेजों को स्वायत्त दर्जा प्रदान करने एवं मानकों के अनुरक्षण) विनियम, 2023 के तहत दी गई है।

यूजीसी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया है कि 30 दिनों के भीतर आवश्यक अधिसूचना जारी कर महाविद्यालय को औपचारिक रूप से स्वायत्त घोषित किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्वायत्तता मिलने के बाद महाविद्यालय को सभी शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं गुणवत्ता संबंधी मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। किसी भी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में यूजीसी स्वायत्तता समाप्त करने सहित आवश्यक कार्रवाई कर सकता है।

स्वायत्त दर्जा मिलने के बाद महाविद्यालय को अपने शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करने के व्यापक अधिकार मिलेंगे। अब कॉलेज स्वयं पाठ्यक्रम तैयार और संशोधित कर सकेगा, उद्योग एवं रोजगारोन्मुख विषयों को शामिल कर सकेगा तथा परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना सकेगा। इसके अलावा, शिक्षण पद्धति में नवाचार, शोध और कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने में भी स्वतंत्रता मिलेगी।इस निर्णय का सबसे बड़ा लाभ छात्रों को होगा। उन्हें अब स्थानीय और वैश्विक जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन की संभावना बढ़ेगी।यह उपलब्धि न केवल संत जेवियर्स कॉलेज बल्कि पूरे संथाल परगना और झारखंड राज्य के लिए गर्व का विषय है। यह सिदो कान्हु मुर्मु विश्वविद्यालय का पहला ऑटोनोमस महाविद्यालय बन गया है। इससे पहले विश्वविद्यालय के अंतर्गत किसी भी कॉलेज को यह दर्जा प्राप्त नहीं हुआ था। गौरतलब है कि संत जेवियर्स कॉलेज एक स्थायी संबद्ध महाविद्यालय है, जिसने वर्षों से शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुशासन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य महाविद्यालयों को भी प्रेरणा मिलेगी, जिससे संताल परगना में उच्च शिक्षा का समग्र विकास संभव हो सकेगा।

■ऑटोनोमस दर्जा पाने की प्रमुख शर्तें

यूजीसी के 2023 विनियमों के अनुसार किसी भी महाविद्यालय को स्वायत्त दर्जा प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:

महाविद्यालय का यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 2(f) के अंतर्गत मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य है।

स्थापना के कम से कम 10 वर्ष पूर्ण होना चाहिए।

महाविद्यालय को NAAC से मान्यता या NBA से कम से कम तीन कार्यक्रमों का प्रत्यायन होना चाहिए।

गौरतलब है कि पहले स्वायत्तता के लिए NAAC का ‘A’ ग्रेड अनिवार्य था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। इस बदलाव से अधिक कॉलेजों को स्वायत्तता मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।इस संबंध में विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क पदाधिकारी ने जानकारी दी कि यह निर्णय क्षेत्र में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

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